व्हीआईएसएम में फार्मासिस्टों के सशक्तिकरण हेतु ग्वालियर में एक दिवसीय कार्यशाला हुई आयोजित

व्हीआईएसएम में फार्मासिस्टों के सशक्तिकरण हेतु ग्वालियर में एक दिवसीय कार्यशाला हुई आयोजित

व्हीआईएसएम ग्रुप आफ स्ट्डीज के अंतर्गत संचालित जय इंस्टीटयूट आफ फार्मास्यूटिकल साईसेंज एण्ड रिसर्च द्वारा आज दिनांक 17 फरवरी 2026 को एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. संजय जैन, अध्यक्ष, मध्य प्रदेश राज्य फार्मेसी परिषद, भोपाल उपस्थित रहें। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री रामरतन गर्ग, सदस्य, मध्य प्रदेश राज्य फार्मेसी परिषद, भोपाल, ने की। कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. विवेक भदौरिया, पूर्व कार्यपरिषद सदस्य जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर उपस्थित थें। कार्यशाला की शरूआत मां सरस्वती पूजन से हुई तत्पश्चात् सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया गया। कार्यशाला का विषय ’’उत्कृष्टता के लिए फार्मासिस्टों को सशक्त बनानारू भूमिकाएं, पंजीकरण और सतत व्यावसायिक विकास’’ रहा। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य फार्मासिस्टों की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाना, उनके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सतत व्यावसायिक विकास (सीपीडी) के महत्व को समझाना रहा। कार्यशाला के स्वागत भाषण में संस्थान के चेयरमैन डाॅ. सुनील राठौर ने विद्यार्थियों को बताया कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ हैं, जिनकी भूमिका केवल दवाइयाँ देने तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों को सही मार्गदर्शन देना, दवाओं के सुरक्षित उपयोग को सुनिश्चित करना तथा स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके बाद विशिष्ट अतिथि डाॅ. विवेक भदौरिया ने विद्यार्थियों को बताया कि आज का जो युग है वह एआई का युग है और इसका इस्तेमाल फार्मेसी में भी हो रहा है। आप सभी को इसको अपनाना चाहिए जिससे आपका काम और आसान होगा और आपको मरीज के साथ समय बिताने के लिये ज्यादा समय मिलेगा। कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहें श्री रामरतन गर्ग ने छात्र-छात्राओ को बताया कि भविष्य में फार्मेसी के क्षेत्र में नौकरियों की अपार सभावनाएं है आपकी डिग्री के बाद आपके पास अनेको रास्ते खुलेगें जिसके लिये आपको आज से ही तैयारी करनी होगी। अंत में मुख्य अतिथि डाॅ. संजय जैन ने अपने भाषण में विद्यार्थियों को कहा कि आज फार्मेसी प्रोफेशन में निरंतर बदलाव हो रहे हैं, ऐसे में फार्मासिस्टों को कानूनी नियमों, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और पेशेवर आचार संहिता की पूरी जानकारी होना आवश्यक है। आप अपने ज्ञान, स्किल्स और नई तकनीकों को अपनाकर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फार्मेसी रजिस्ट्रेशन केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल पहचान और कानूनी जिम्मेदारी है। हमने इस प्रक्रिया को अब विद्यार्थियों के लिये और भी आसान कर दिया है अब विद्यार्थी अपना रजिस्ट्रेशन घर बैठे आॅनलाईन कर सकते है। कार्यशाला में फार्मेसी महाविद्यालय के प्रो. डाॅ. अंकुर अग्रवाल द्वारा लिखी गई एक किताब का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किये गये। इस मौके पर संस्थान की चयेरपर्सन श्रीमती सरोज राठौर, समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्यगण सहित समस्त छात्र-छात्राऐं उपस्थित रहें।

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