
दरअसल आरोपी ओम प्रकाश कुशवाह उर्फ ओमी पूर्व में किसी बेकरी संचालक की ऑटो चलाता था जिसे बाद में बेकरी के संचालक ने नौकरी से निकाल दिया था। आरोपी ओमप्रकाश को शक था कि उसे नौकरी से हटवाने में मोंटू सविता का हाथ रहा है। इसी रंजिश को ओमप्रकाश अपने मन में बांधे रहा और उसने अपने एक साथी अमन कुशवाह के साथ घटना दिनांक यानी 27 -28 मई की दरमियानी रात वीरपुर बांध के पास मोंटू को ले जाकर शराब पार्टी की। इसके बाद नशे की हालत में मोंटू के पीठ और गले में दोनों आरोपियों ने कई वार किये। ऑटो में हत्या करने के कारण वहां काफी खून फैल गया था। सबसे पहले दोनों आरोपियों ने मोंटू सविता को उसी के ऑटो में डालकर पनिहार थाना क्षेत्र के बनवार रोड पर फेंक दिया वहां से चीनौर और छीमक होते हुए कल्याणी तिराहे के पास पहुंचे और ऑटो को लावारिस हालत में छोड़कर भाग गए ।पुलिस ने पूर्व में लापता मोंटू की कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्य के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया ।जब उनसे सख्ती की गई तो उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। दोनों आरोपियों के खिलाफ अब हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

