
श्री कृष्ण की भक्ति सर्वोपरि है।श्री कृष्ण कृपा से जीव का शीघ्र उद्धार हो जाता है। उनकी बाल लीलाएं पूतना वध बकासुर समेत अन्य राक्षसों का संहार कर सहज में सबका उद्धार कर उनको कृपा सिंधु में परम गति प्रदान की। बृज में इंद्र देवता द्वारा कुपित होकर अथाह जल वर्षा की तब कन्हैया ने गोवर्धन पर्वत उंगली पर धारण कर ब्रज वासियों की रक्षा की और अगस्त ऋषि को सारा जल पान करा दिया। ऐसे भक्त वत्सल योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण की शरण छोड़ कर संसार में भटक रहे जीवों को शरणागति लेने की संत महापुरुष निरंतर उपदेश कर रहें है। देर शाम तक भक्त गण दिव्य सत्संग भागवत कथा का अमृत पान कर भाव विभोर हो उठे। समापन पर मंगल आरती कर भोग प्रसाद वितरण किया गया। दिव्य सत्संग भागवत कथा में शामिल हो कर पुण्य लाभ ग्रहण करने वालों में यजमान उदय भान सिंह विष्णु सिंह रामचरण सिंह रुक्म सिंह तोमर के अलावा बलबीर सिंह परमार बृजपाल सिंह तोमर गीतम सिंह परमार महेश शर्मा गोविन्द सिंह तोमर आर डी राठौर समेत भारी संख्या में श्रद्धालु भक्त गण उपस्थित रहे।सादर प्रकाशन हेतु ।बलबीर सिंह परमार मीडिया प्रभारी ग्वालियर
