
यह मामला साल 2020 का है। जब ग्वालियर की कोतवाली थाना पुलिस को एक महिला ने शिकायती आवेदन दिया था,जिसमे आरोप लगाया था कि कथावाचक शास्त्री देवऋषि ने बैंक में नोकरी लगाने के नाम पर उससे 03 लाख रुपये ऐंठ लिए थे। लेकिन जब ठगा महसूस किया और रुपये वापास मांगे तो वह फरार हो गया। ऐसे में पुलिस ने कथावाचक देवऋषि शास्त्री के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने कोर्ट में बताया कि 31.07.2020 को यह मामला दर्ज किया गया था।शिकायतकर्ता महिला पोस्ट ग्रेजुएट होकर सरकारी नौकरी का प्रयास कर रही थी। आरोपी पं. देवऋषि उसके घर पर आया-जाया करता करता था,उसने नौकरी लगवाने का झांसा दिया और पैसों की डिमाण्ड की, उसने नवम्बर 2019 को 2,50,000/-रूपये और 13.12.2019 को 50,000/- रूपये ले लिए। रूपये लेने के बाद से पं. देवऋषि ने उसके घर पर आना बंद कर दिया। संपर्क करने पर देवऋषि ने चार लाख रूपये की डिमांड रख दी,जिसके बाद कॉल लेटर मिलने का झांसा दिया। ठग शास्त्री की इन बातों से उसकी मंशा साफ हो गयी।ऐसे में पुलिस ने FIR दर्ज की थी। आरोपी तभी से फरार भी चल रहा था। ऐसे में कोतवाली थाना पुलिस ने इसी महीने 05 जून को आरोपी देवऋषि को पकड़ लिया। जिसके बाद आरोपी ने जमानत आवेदन कोर्ट में लगाया था। कोर्ट ने आरोपी के फरार रहने के साथ ही उसके द्वारा लाखो रुपये की ठगी करने के तरीके को देखते हुए उसकी जमानत याचिका को निरस्त कर दिया। आरोपी अभी ग्वालियर के केंद्रीय कारागार में बंद है।