
ग्वालियर के सिटी सेंटर निवासी सुधीर वायपेयी ने 3 दिसंबर 2022 को शिकायत दर्ज कराई थी कि वे और उनकी पत्नी किरण मिलकर अपनी कंपनी अभियंक बिल्डर्स के माध्यम से निर्माण कार्य करते हैं। कुछ समय पहले सुरेश नाम के युवक ने उनकी कंपनी से अनुबंध किया। सुरेश को पैसों की जरूरत थी, इसलिए उसने अपने दो प्लॉट बेचने के नाम पर सुधीर से नकद रुपए लिए। इनमें से एक प्लॉट की रजिस्ट्री उसके साथी रमेश के नाम से सुधीर के पक्ष में कर दी गई, लेकिन जब दूसरे प्लॉट की रजिस्ट्री की बात आई, तो सुरेश ने बहानेबाजी शुरू कर दी।जब पीड़ित को धोखाधड़ी का शक हुआ, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने सुरेश और रमेश के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। करीब 32 महीनों से दोनों आरोपी फरार थे। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि सुरेश अपने घर शताब्दीपुरम आया है। सूचना मिलते ही पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सुरेश ने अपने साथी रमेश का भी पता बताया, जिसके बाद पुलिस ने रमेश भदौरिया को भी गिरफ्तार कर लिया।जांच में पता चला कि रमेश सरपंच पति है और उसकी पत्नी भिंड जिले में सरपंच है। फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।