ग्वालियरमध्यप्रदेश

पूर्व सरपंच का कारनामा हरिजनों के आवास बना डाले अपने घर में

शिकायत कर्त्ता पर किया जान लेवा हमला

प्रधान मंत्री आवास योजना हमारे प्रधान मंत्री की एक महत्वकांक्षी योजना हैं जिसमें गरीबों को रियायती दरों पर आवास उपलब्ध कराये जाते है। वही प्रधान मंत्री ग्रामिण आवास योजना में आवास हीन लोगों को बिना लागत के ही आवास योजना का लाभ दिया जाता हैं। इस योजना के तहत लगभग एक लाख पचास हजार रूपये ग्रामिणों को दिये जाते हैं। इसमें इस बात का भी प्रावधान हैं कि अगर किसी हितग्राही के पास आवास के लिये कोई भूखण्ड नहीं हैं तो शासन की तरफ से उस हित ग्राही को भूखण्ड भी शासन की तरफ से ही उपलब्ध करा दिया जाता है।
इतना सब होने के बाद भी पात्र हित ग्राहियों को शासन की इस योजना का लाभ नहीं मिल पाता इसका सबसे बड़ा कारण हैं कि इस योजना को लागू करवाने की जिम्मेदारी जिस पर होती हैं वहीं जिम्मेदार व्यक्ति अपनी इस शक्ति का गलत इस्तेमाल कर रहा हैं।
इसका एक उदाहरण पहाड़गढ़ ब्लॉक के अन्तगर्त आने वाली ग्राम पंचायत चचेड़ी के पूूर्व सरपंच पति देवेन्द्र सिंह सिकरवार ने 6 आवासों को फर्जी तरीके से हड़प लिया हैं जिसमें से 4 आवास उन्होंने अपने घर के अन्दर बना लिये बाकी के 2 आवासों का बिना निमार्ण कराये उनकी राशी निकाल ली।


हमारे द्वारा इस सबंधं में ग्रामिणों के साथ साथ संबंधित अधिकारियों से बात की तो जो जानकारी निकल कर आई उसके अनुसार 6 में से 5 आवास हरिजनों के नाम से पास करायें गये, पास कराये गये आवासों में से 4 लोग सालों पहले ग्राम पंचायत को छोड़कर कैलारस व जौरा में रहने लगें है। जो 2 लोग ग्राम पंचायत में रह रहे हैं उनके नाम से पैसा तो निकाला गया हैं पर उनके आवास नहीं बने हैं।
सरपंच ने इन आवासो को निकालने के लिये केवल इन हितेग्राहियों के नाम का हि इस्तेमाल किया हैं। इ.के.वाई.सी. के लिये अपने परिवार एवं पूर्व सरपंच के यहां मजदूरी करने वाले लोगों के फोटो व अन्य जानकारी का उपयोग किया हैं।

1. हितग्राही का नाम – विसराम पुत्र श्री बिहारी, जाति – जाटव, आवास आईडी क्रमांक MP01004/2/937, PMAY-G MP5169174 कार्य पूर्ण – 2018।
यहा पर नाम विसराम का हैं पर फोटो सरपंच के भाई मुन्ना व सरपंच के परिवार के सोबरन सिंह सिकरवार की हैं। जो चचेड़ी में ही निवासरत है।
2. हितग्राही का नाम – बुधाराम पुत्र श्री मीका , जाति – जाटव, आवास आईडी क्रमांक MP01004/2/962, PMAY-G MP4219681 कार्य पूर्ण – 2018
यहा पर नाम बुधाराम का हैं फोटो चचेड़ी पंचायत के निवासी पप्पू कुशवाह का हैं।
3. हितग्राही का नाम – मुकंदी पुत्र श्री जुबे, जाति – जाटव, आवास आईडी क्रमांक MP01004/2/965, PMAY-G MP5143409 कार्य पूर्ण – 2018
यहा पर नाम मुकंदी का पर फोटो राकेश जाटव पहाड़गढ का रहने वाला है तथा सरपंच के यहा पर खेतीवाड़ी के काम करता हैं।
4. हितग्राही का नाम – जन्ना जाटव पुत्र श्री विश्शु, जाति – जाटव, आवास आईडी क्रमांक MP01004/2/834, PMAY-G MP5082237 कार्य पूर्ण – 2018
यहा पर नाम और फोटो सही हैं पर कार्य प्रारंभ होने के बाद के सारे फोटो रामदीन जाटव के हैं जो ग्राम पंचायत सूजान गढ़ी का रहने वाला हैं, व जन्ना के गुजरने के बाद उसकी बेवा अपने पुराने घर में ही रह रही हैं।
5. हितग्राही का नाम – दोजी पुत्र श्री बिहानी, जाति – जाटव, आवास आईडी क्रमांक MP01004/2/949, PMAY-G MP4219635 कार्य पूर्ण – 2018
यहा पर नाम मुकंदी का पर फोटो मुंशी जाटव ग्राम पंचायत मद्दी का पुरा ग्राम खदरन का पुरा का रहने वाला है तथा मजदूरी करता हैं। तथा इसमें दूसरा फोटो संजय जाटव का हैं जो पहाड़गढ का रहने वाला हैं तथा सरपंच के यहा पर खेतीवाड़ी के काम करता हैं।
6. हितग्राही का नाम – मिथुन पुत्र श्री भगवान सिंह, जाति – सिकरवार, आवास आईडी क्रमांक MP01004/2/927, PMAY-G MP5082612 कार्य पूर्ण – 2018
यहा पर फोटो मिथुन का पत्नि राखी को हैं पर कार्य पूर्ण होने के वक्त का फोटो गांव के ही किसी लडके का है तथा पीछे की तरफ जो घर बना है वह भी किसी और का हैं।

इस बात की शिकायत ग्रामवासियों ने संबंधित जिला पंचायत व ब्लॉक पंचायत के उच्च अधिकारियों से तो पूर्व सरपंच ने अपने प्रभाव से सभी को शांत करा दिया इसके लिये पूर्व सरपंच ने साम व दाम दोनों को उपयोग किया। इसके बाद भी पंचायत में ही रहने वाले सौरभ सिकरवार व हरिओम नामक दो यूवाओं ने उच्चस्तर पर शिकायत कि तो सरपंच ने जिला पंचायत के जांच अधिकारियों के सामने ही दोनों भाईयों पर जान लेवा हमला कर दिया और अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुये दोनों पर ही फर्जी तरिके से हरिजन एक्ट लगवा दिया। इस वारदात से पंचायत के अधिकारियों में इतना ज्यादा भय हैं कि वो दुबारा इस ग्राम पंचायत में किसी भी जांच करने के लिये बिना पुलिस की सहायत के जाना ही नहीं चाहते।
अब देखना ये है कि पूर्व सरपंच पति का दबाब चलता हैं या प्रशासन अपनी ताकत दिखाकर सरपंच पति को सही राह पर लाती है। पर इन सब बातों से ये तो पक्का हैं कि जब भी पूर्व सरपंच पति देवेन्द्र सिंह सिकरवार की जांच होगी तो ग्राम पंचायत में पदस्थ पूर्व एवं वर्तमान जीआरएस व सचिवों की भूमिका की भी जांच होना चाहिये क्योंकि कि इनके सहयोग के बिना इतना बड़ा घोटाला होना संभव नहीं हो सकता। इन कर्मचारियों की हिम्मत से ही सरपंच को ताकत मिली होगी।
— शेष घोटालों की जानकारी अगले अंक में।

 

Avjeet Singh Tomar

Sub Editor

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